Kota- लोकसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, भ्राता ओम बिरला जी का अभिनन्दन

कोटा दिनांक 07/7/19 को लोकसभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पद हेतु चुनाव में अध्यक्ष पद पाने हेतु कोटा नगर में प्रथम बार पधारने हेतु भ्राता ओम बिरला जी (लोकसभा अध्यक्ष) का तिलक,बैच व् गुलदस्ते से स्वागत करते हुए एवं शाल ओढ़कर सम्मान करते हुए बी.के. उर्मिला बहन (कोटा संभाग प्रभारी) बी.के.लक्ष्मी बहन तथा अन्य बहने l

हमें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि लोकसभा में नवनिर्वाचित अध्यक्ष पद हेतु चुनाव में आपकी योग्यतानुसार आपको अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है l यह सिर्फ इस कोटा नगरी ही नहीं अपितु पुरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है l इस अवसर पर मेरी ओर से एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी  ईश्वरीय विश्व विद्यालय; के सभी सदस्यों की ओर से आपको हार्दिक बधाई स्वीकार हो l परमपिता परमात्मा से मेरी यही शुभ कामना है कि इस क्षेत्र में आपके द्वारा अधिक से अधिक सेवा हो l आपकी ख्याति, प्रतिष्ठा, एवं लोकप्रियता में ऐसी ही अभिवृद्धि होती रहे, आप निरंतर यशस्वी जीवन के सोपान तय करते रहे l आपके जीवन में आने वाला हर क्षण सुख, शांति एवं आनंद से सुसंपन्न हो l आप अपनी जीवन में निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होते रहे l साथ ही उन्हें

राजनीतिक प्रभाग द्वारा  संस्था के मुख्यालय माउंट आबू राजस्थान में राजनीतिज्ञों के लिए सम्मलेन का आयोजन किया गया है जिसका विषय “विकट समय के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण” है l 

“ शक्तिसरोवर “ कुन्हारी कोटा के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम “महाशिवरात्रि महोत्सव

महाशिवरात्रि महोत्सव

                        प्रजापिता ब्रहामाकुमारी ईश्वरीय विश्वविधालय “ शक्तिसरोवर “ कुन्हारी कोटा के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम “महाशिवरात्रि महोत्सव” दिनांक 3 मार्च 2019 रविवार को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक बड़े ही धूमधाम से मनाया गया l इस कार्यक्रम के तहत महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर करीबन 15 वर्षो के बाद पुरे कोटा शहर में पहलीबार शिव जयन्ती महोत्सव  में वाहन रैली का तथा पुरे 9 झाँकीयों के साथ, 100 दो पहिया वाहन व् 40 चार पहिया वाहन, व् 2 रथ के साथ महा रैली का  महा-आयोजन किया गया l इसका शुभारम्भ कोटा के मुख्य सेवाकेंद्र शक्तिसरोवर से हुआ तथा समापन भी यहाँ ही हुआ l 

                 महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारम्भ बी.के. उर्मिला बहन में शिव अमृतवाणी “मुरली” सुनाकर आरंभ किया , व् शिव परमात्मा को भोग लगाया गया , साथ ही बहन पूजिता के द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया – सूरज जब पलके खोले मन नम: शिवाय बोले तथा शिव पिता का जन्मदिन केक काटकर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ टीचर्स बहनों के साथ मिलकर मनाया गया l साथ ही एक छोटे से बच्चे ने गीत गाकर पुरे महफिल को और भी उजागर कर दिया , तथा पुरे कार्यक्रम बी.के. अमित भाई जी ने ( फ.ऍम. rj ) किया और भारत फिर भरपूर बनेगा गीत गाकर पूरे महफिल खूबसूरत बना दिया l  यह शिव रात्रि का पर्व पूरे इंदौर जोन में “ विष विनाशक है शिवरात्रि ”  के रूप में मनाया गया , जिसके तहत सभी लोगों ने अपने अन्दर के अक और धतूरे रुपी अवगुण को एक पत्र लिखकर शिव जी पर अर्पित किया l

                 इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में – कोटा के इतिहास में पहली बार कोटा शहर के राजा इजराज सिंह जी की धर्मपत्नी व् कोटा शहर की युवरानी श्रीमती कल्पना देवी जी ( पूर्व सांसद, लाडपुरा  विधायक भी है ) को आमंत्रित किया गया , तथा डॉ. भ्राता अजित धाकड़ जी को व् भ्राता शम्भू दयाल मीणl जी( a.d.m.) को आमंत्रित किया गया ,व् कोटा संभाग प्रभारी बी.के. उर्मिला बहन सहित  इन सभी अतिथियों का स्वागत तिलक, बैच , गुलदस्ते व् ओम शांति का पट्टा व् कैप पहनाकर भव्य रूप से स्वागत किया गया l साथ ही माननीय कल्पना देवी जी का शाल ओढ़कर सम्मान भी किया l  तत्पश्चात छोटी से बहन अनवी ने शिवरात्रि का महत्व भी बताया l फिर बी.के. उर्मिला बहन ने सभी अतिथियों का शब्दों व् भावों के माध्यम से  श्रृंगार किया l  तथा  युवरानी कल्पना देवी जी ने कहा की मेरा इस ब्रह्माकुमारी संस्था से बहुत पुराना रिश्ता है क्योकि ये बहने रक्षाबंधन के अवसर पर युवराज जी को राखी बंlधने आते है इसलिए इनका और हमारा बहुत ही पक्का रिश्ता है l इतना कहकर सभी ने मिलकर  शिव ध्वजारोहण किया , तत्पश्चात शिव दर्शन झाँकी का रिबन काटकर उदघाटन किया , तथा शिव लिंग पर मलायार्पण किया , शिव जी के आरती भी की, यह झाँकी हम सभी को यही सन्देश दे रही है शिव जी की जटा से निकली गंगा हम ज्ञान गंगाए है , और हमें उसी की लगन में मगन होना है l तथा  आये हुए सभी अतिथियो को ईश्वरीय सौगात व् ईश्वरीय प्रसाद भी दिया गया l तत्पश्चात युवरानी कल्पना देवी जी ने  महाशिवरात्रि शोभा यात्रा को शिव ध्वज दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया और अपनों गूड विस्हेस प्रदान की l

                 शोभायात्रा का प्रारंभ प्रात: 10 बजे हुआ, यह शोभायात्रा वाहन रैली पर आधारित है , इसमें सर्व प्रथम पायलेट गाड़ी , फिर सभी दो पहिया वाहन, फिर 2 रथ शिव लिंग के साथ , फिर सभी झांकियां , जिसमे सर्व आत्माओं का पिता परमात्मा , शिव और शंकर में अंतर , पुरुषोतम संगमयुग , स्वर्णिम भारत , स्वछता अभियान , त्रि- मूर्ति , 5 विकार , महाकाल  आदि सभी चैतन्य झाँकियो का पुरे कोटा शहर में अवलोकन कराया गया , जगह – जगह पर सभी शोभायात्रा में आने वाले भाई – बहनों का व् सभी झांकियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया , इसप्रकार यह शोभा यात्रा पुरे कोटा में प्रात: 10 बजे से सांय 4 बजे तकशहर में छाकर लगाया तथा सभी को गीतों व् शब्दों के माध्यम से शिव परमात्मा का परिचय  बी.के. अमित भाई जी ने दिया , इस झाँकी ने पुरे शहर में ब्रहामाकुमारी का पैगाम बहुत ही हर्ष व् खुशी , उमंग – उत्साह के साथ दिया गया,  इस कार्यक्रम में तक़रीबन 500 भाई – बहन  शामिल हुए सभी कार्यक्रम की बहुत ही अच्छी शोभा बढाई, इस प्रकार कार्यक्रम का समापन हुआ 

Kota (RJ) – Alvida Tanav Shivir by BK Poonam Behen

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बुलंद हौसले का साथ देती है किस्मत/ कोशिश करें तो आसमान में भी हो सकता है सूराख। दृढ़ इच्छा शक्ति से जीवन की हर लड़ाई को जीता जा सकता है।

अगर उल्लंघन के लिए रेखाएं नहीं होती, जीतने के लिए बाधाएं नहीं होती, पार करने के लिए सीमाएं न होती, तो मानव जीवन में पुस्कार की तरह आने वाले आनन्द के अनुभव में कमी अवश्य आ जाती। संसार में जितने भी महापुरूष हुए है, उन्होनें स्वयं के बल पर ही प्रगति की। आत्मबल एवं आत्मविश्वास के सहारे ही उन्होनें उपलब्धियों के कीर्तिमान रचे। मंजिल स्वयं के कदमों से चलकर ही प्राप्त की जाती है, कोई दूसरा व्यक्ति आपकी यात्रा पूरी नहीं करेगा। इसलिए गीता का आव्हान किया है मनुष्य, अपना उत्थान आप करों। मानव जीवन के लिए यह एक दिव्य मंत्र है।

यह बात आज देश की प्रख्यात तनाव मुक्ति विशेषज्ञा ब्र. कु0 पूनम बहन ने अलविदा तनाव शिविर में मनोबल कैसे बढ़ाया जा जाए विषय पर कही। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूनम बहन ने कहा कि दृढ़ता ही सफलता की चाबी है। दृढ़ संकल्प की शक्ति के आगे जीवन के सारे विध्न धराशयी हो जाते है। मनुष्य के भीतर ही उसका भाग्य छिपा रहता है। दृढ़ संकल्प वाले उस छिपे हुए भाग्य को बाहर ले आते है। कहते है इरादे बुलंद हो तो पैरो तले होता है हिमालय। हौसला हो तो तूफान भी घूटने टेक देते है। जीत के लिए जोखिम उठाना पड़ता है। जिन्होनें जोखिम उठाया है वो व्यक्ति सिकन्दर, नेपोलियन और गांधी बनकर इतिहास के पन्नों को रोशन कर गए है। आप जितने भी महान लोगों की जीवनियों का विश्लेषण करेगें तो पता चलेगा कि उनके जीवन में अनुकूल परिस्थितियों की जगह प्रतिकूल परिस्थितियाँ ज्यादा रही। इन लोगों ने हमेशा प्रतिकूलता में अनुकूलता को ढूँढ़ निकाला। अब्राहम लिंकन ने हमेशा असफलताओं का सामना करा पर अंत में वे अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए। प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात का जीवन घोर पारिवारिक तकलीफों में बीता परन्तु उन्होनें जीवन में कभी हार नहीं मानी और विश्व को एक नया दर्शन दिया। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में रहकर विपत्तियों का सामना किया और विपत्तियां आगे जाकर उनकी ताकत बन गई।

साधारण व्यक्तियों के लिए असफलता जहां दुखदायी होती है, वहीं असाधारण लोग असफलता से हताश होने के बजाय उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते है। ऐसे लोग अपनी असफलताओं से प्रेरणा लेते है और उसमें भी नई राहें खोज लेते है। हमारी असफलताएं चिरकालीन नहीं है उमें कहीं न कहीं हमारी बेहतरी और सफलता के बीज छिपे होते है।

ब्र. कु. पुनम बहन ने आत्मविश्वास का महत्व बताते हुए कहा कि जब संसार में सभी साथ छोड़ दे, हार और पीढ़ाएं घायल कर दें, पैंरो के नीचे से सभी आधार खिसक जाएं, जीवन के अंधकारयुक्त पथ पर व्यक्ति अकेला पड़ जाए। तब भी वह जीवित रह सकता है यदि उसका आत्मविश्वास प्रबल है तो तनाव का सबसे बड़ा करण कि आज हर व्यक्ति दूसरे को बदलना चाहता है। हम चाहते है कि दूसरे सब बदल जाए पर मैं न बदलू। हमारे स्वभाव-संस्कार, भावनाएं नकारात्मक दृष्टिकोण ही हमारे मार्ग में बाधाएं बनकर खडे़ रहते है। जरूरत है इन्हंे परिवर्तन करने की। हम जानते भी है, मानते भी है कि अगर हमारे जीवन से इन बातों का परिवर्तन हो जाता है तो हमारा जीवन भी सुन्दर एवं सरल बन जाता है। हम सबके प्रति शुभ भावना रखे, प्रतिकूलता में भी अनुकूलता देखे, दुख में भी सुख खोजे, जीवन के भरे हिस्से को देखें एवं सबका कल्याण हो यहीं भावना रखे। यह सब परिवर्तन लाने के लिए बहुत सुन्दर मेडिटेशन के अभ्यास के द्वारा साधकों को दृढ़ प्रतिज्ञा करवाई कि ‘‘कोई बदले या न बदले आज से हम अपनी भावनाएं, विचार, स्वभाव, संस्कार, दृष्टिकोण सभी में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे।‘‘

सभी साधकों ने आज शिविर स्थल पर ही अग्नि को साक्ष्य मानकर इस प्रतिज्ञा को अपने अन्तरःकरण में एकदम समा लिया। जैसे-जैसे प्रतिज्ञा दोहराई जा रही थी सम्पूर्ण पाण्डाल को परिवर्तन की लहर ने अपनी बाहों में समा लिया। इसके साथ ही युवा साथियों ने परिवर्तन की मशाल को लेकर सारे पाण्डाल का चक्र लगाया, मानों वह अपनी प्रतिज्ञा को बार-बार पक्का कर रहे हो एवं इसके पश्चात् गुंज उठा परिवर्तन। चारों तरफ से घण्टे, घटियाल की आवाज भी मानों कर रही थी परिवर्तन, परिवर्तन, परिवर्तन। इस तरह उमंग व जोश के साथ मनाया गया ‘‘परिवर्तन महोत्सव‘‘। साधकों के चेहरे स्पष्ट बता रहे थे कि अब तक जो नहीं कर पाए आज हमने परिवर्तन कर लिया। वे धन्य-धन्य हो गए।
शिविर के चौथे दिन यह आलम था कि जन सैलाब निरन्तर बढ़ता ही जा रहा है। साधकगण शिविर के दस मिनट पूर्व ही अपना स्थान ग्रहण कर लेते है। शिविर में कल का विषय है, ‘‘कर्मक्षेत्र पर कर्म करते हुए तनावमुक्त कैसे रहे?‘‘ शिविर में कल कराई जाएगी ब्रह्माण्ड की सैर‘‘।

GOODBYE STRESS

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SEMINAR ON:-

GOODBYE STRESS

Date : 13th May2018 TO 24TH May 2018
Time : Morning  SESSION: 07:00AM TO 08:30 AM (GOODBYE STRESS)
Venue : BRAHMA KUMARIS,SHAKTI SAROVAR ,KAMLA UDHYAN,KUNHARI,KOTA

 

An Inspirational Talk by BK POONAM BEHAN